YTtoTranscriptTranscribe
YouTube Transcript

Banrakas Ne Ki Vote Chori? || Panchayat || TVF Diaries

TVF Diaries · 2,811 words · 14 min read · HI

Banrakas Ne Ki Vote Chori? || Panchayat || TVF Diaries
Watch on YouTube

Below is the complete, readable transcript of Banrakas Ne Ki Vote Chori? || Panchayat || TVF Diaries by TVF Diaries on YouTube. Read the full text, copy any part you need, or generate a transcript for any video with our free tool.

00:02

हमको भूषण चाचा बोले थे कि ड्रोन पे गुलेल का निशाना लगेगा तो क्रीम वाला बिस्किट मिलेगा। ड्रोन पे गुलेल मरवा के हमको क्या मिलने वाला है? इसको तो हम चिनवेने करते हैं। अच्छा तो ये तो पता है ना कि बिष्टो पौधा कौन खा लिया? बकरी के पेट में गया। अच्छा तो बकरी के पेट का सोनोग्राफी

00:21

देखिएगा। हां दिखाइए। आइए। चलिए। है इतना मोटा हम नहीं है। ये प्रह्लाद भाई हैं। अरे पूरे गांव में बैंगनी रंग का शर्ट तुम ही पहनते हो। अरे दो लोग के और पास में है ये शर्ट। ई बताओ। साफसाफ दिख रहा है। बकरी को वृक्षारोपण दिखाने के लिए ले जाया जा रहा है। अच्छा रुको रुको

00:55

इसमें बता। बकरी पौधा खा रहा है। ये सज्जन तो बचा रहा है। तो इसमें चेहरा दिख ही नहीं रहा है। दिखाओ। इसमें बताओ ये वाला। जा इधर आ गए। अरे ये तो हम हम शकल है। हमरे जैसा लग रहा है। अरे पिक्चर विक्चर नहीं देखे हैं आप लोग? हम शकल है। हां भैया रिपोर्टर से पूछते

01:26

हैं। वही महान आदमी है।

01:34

चलिए चलिए अपना। प्रह्लाद भाई हमसे गलती हो गया। हम गलत जगह लेके बकरी को चले गए। जो कहिएगा वो करेंगे। बस मैटर को दबा दीजिए। ना ना ना 20 पौधा मांस मर्डर का सवाल है। मैटर दबा देंगे तो हाथ कांप जाएगा हम लोगों का। मैटर दबा दे। गांव में इतना अच्छा काम हो रहा है। और

02:00

तुम ये सब कर रहे हो। अगर हमको हल्ला करना होता ना पत्रकार बाहर बैठा हुआ है। बुला के लाते [संगीत] फिर दिखाते तुमको और हर कार्यक्रम में जो किया करते रहते ना बंद कर दूं। समझ गए? ठीक है। जो कहिएगा वो करेंगे। [संगीत] डन। अरे डन से कुछ नहीं होगा। पूरा हरर्जाना भरना पड़ेगा 20 पौधे का।

02:17

हां ठीक है। हम भर देंगे। मुंह पोछो अपना। का है या आदमी यार ये एकदम पागल नहीं तू। [संगीत] अच्छा ये प्रवीण भाई गए थे लोगों शंका करने। आ गए क्या? हां आए। हां हां बैठिए। अच्छा अच्छा अच्छा शुरू कीजिए। तो सबसे पहले आप लोगों से निवेदन यह है कि स्वामित्व वाले ड्रोन से डरने की

02:38

जरूरत नहीं है और ना ही उसको जो है गुलेल से मार के गिराने की जरूरत है। देखिए उससे क्या हो रहा है कि गांव की आबादी वाले क्षेत्र यानी आपके घर की जमीन का सर्वे किया जा रहा है। और एक बार सर्वे खत्म हो जाएगा तो आपको आपके घर का ही मालिकाना हक

02:57

यानी सरकारी कागज मतलब कि प्रॉपर्टी काट दिया जाएगा। अच्छा आप लोगों के समक्ष परम आदरणीय भूषण बाबू दो शब्द कहेंगे। आइए [गला साफ़ करने की आवाज़] आदरणीय ग्राम निवासियों इन दोनों की जितनी तारीफ की जाए बहुत कम है। सुनिए हंस के थोड़ा इन दोनों की जितनी तारीफ की जाए बहुत कम है। विकास भाई और प्रहलाद भाई ने सरकारी

03:23

योजना को जो सफल बनाया है उसका उदाहरण सेट कर दिया है। वृक्षारोपण के कार्यक्रम में जो 20 पौधे गायब हुए उनको मैं देने का वादा करता हूं। 20 नहीं [संगीत] 200 अरे एक पौधा गायब तो 10 पौधा एक के बदले तो 20 के बदले 200 तो 200 पौधा देने का वादा करता है।

03:50

बस बहुत बढ़िया, बहुत बढ़िया। [प्रशंसा][हौसला बढ़ाने की आवाज़] पौधा गायब ना हो जाए, इसके लिए उसकी सुरक्षा के लिए फेंसिंग लगाई जाएगी। उसका भी पूरा खर्च रोशन बाबू देंगे। ताली बजा दीजिए। [प्रशंसा] अरे नहीं पूरी बात नहीं बता रहे हो। भूषण जी ने कहा है कि जब तक फेंसिंग हो रही है और वीडियो साहब नहीं आ जाते हैं तब तक

04:08

उसकी सुरक्षा स्वयं रात दिन ये खुद करेंगे। नहीं नहीं नहीं प्रहलाद भाई दिन रात नहीं दिन रात नहीं। ठीक ठीक ठीक है। तो हम गांव वाला से पूछ लेते हैं कि बाज की तरह नाक और चील की नजर पूरे गांव में किसकी है? निगरानी कौन करेगा? [प्रशंसा] रिपोर्टर साहब आपका रिपोर्ट छापेंगे यही कि पंचायतते आजकल काफी टेक्नोलॉजी का

04:31

इस्तेमाल करके गांव में जो है जागरूकता और पारदर्शिता ला रही है और जहां इन जैसे सवाल करने वाले लोग हैं उस गांव में टेक्नोलॉजी की तो जरूरत बहुत है भैया हां बिल्कुल चलो भाई बहुत-बहुत शुक्रिया बहुत-ब नमस्कार समाप्त [गला साफ़ करने की आवाज़] हुआ बड़ा अच्छा लगा आपसे मिलके [संगीत]

05:06

[हंसी] हे हट हट हट ऐ बकरी ए हट हट हट हट हट हट हट हट हट किसका बकरी है रे ओ प्रधान जी जगह रहो।

05:28

अच्छा पानी आ रहा है। अब तो ये पहले से बहुत हल्का चल रहा है। हां। पहले तो इसका हैंडल इतना टाइट था कि पानी निकलते निकलते हमारा तेल निकल जाता है। अब तो इतना हल्का हो गया है हैंडल कि जोर से डांट दीजिएगा ना तो से पानी फेंक देगा। हां। और कोनो दिक्कत तो नहीं है?

05:48

मैडम जी आपने वादा की भी और निभाई भी। अब कोनो दिक्कत नहीं है। आपका बहुत धन्यवाद। धन्यवाद का क्या बात है? ये तो हमारा काम है। नींद पूरी करें ना करें अपना वादा जरूर पूरा करते हैं। हम चलो चाचा यहीं नहा लो। पोखर भैंस के साथ नहाना नहीं पड़ेगा। नमस्ते। नमस्कार। नमस्कार। अच्छा मैडम

06:10

हां आज तक एक भी वादा नहीं भूली है। हां सब पूरा कर दी। का हमारी जानकारी से दो चार चेष्टा भी कर दिए। [हंसी] रिश्ता काट दिया। इज्जत तुम अभी सब में विश्वास करते हो? विश्वास तो नहीं करते हैं लेकिन रिस्क नहीं लेना चाहते। चल चल पार करो। चलो जूता। रहने दो। हम ही करते हैं। चलो

06:39

मैडम अभी जतरा से हम लोग जा रहे हैं। लाल बहादुर का कर रहा है इधर। अरे लाल बहादुर प्याज में पानी पड़ गया क्या? पानी प्याज में नहीं हमरा भाग में पड़ गया था। जो इस गांव का औकात से ज्यादा प्याज लगा लिए हम। अरे इसमें गांव की औकात कहां से आ गई?

06:59

अरे बेचे काहे नहीं जो सर रहा है सारा प्याज तुम्हारा। सही दाम में नहीं मिल रहा था। अरे काहे नहीं मिल रहा है रे? हम बताते हैं प्रधान जी की मेहरबानी से। अरे भाई तो हर टाइम प्रधान जी प्रधान जी प्रधान जी पागल है क्या एकदम से तुम? जितना इसके घर में धान नहीं होता है उतना

07:14

तो इसके मुंह में प्रधान जी होते हैं। तुम्हारा दिक्कत क्या है भाई? खाली प्रधान जी प्रधान जी करते रहता है। प्रधान जी जो वादा करती हैं वो निभाती नहीं है। ई है हमारा दिक्कत। कौन सा वादा नहीं निभाए हैं हम। जी देख लीजिए। ये फ़ लगा रहा है। हम वादा करते हैं कि पोलरा में भंडार घर

07:33

जरूर बनवाएंगे। बताइए किसानों से झूठा वादा कर दिया वो भी किसान दिवस पे। और यह चक्कर में घनचक्कर बन गए हम। गरीब और गरीब हो गया। भूल गई होंगी।

07:59

भूले नहीं है। आप लोगों के काम टालने का नतीजा है। अरे काहे परेशान हो रहे हैं? हो जाएगा इंतजाम विकास। हां। बताओ पंचायत फंड में कितना पैसा है? पंचायत के फंड से तो दाढ़ी ना बने। भंडार घर कहां से बनेगा? ऐसा ना बात बोल देते हैं बीच-बीच में। हमको तो अच्छा ये सरकार से पैसा मांग ले क्या इसके

08:21

सरकार से पूछ के वादा [संगीत] किए थे। हां, ये बात भी है। नहीं तो गांव वाला से चंदा मांग लेते हैं। कीर्तन थोड़े करा रहे हैं चंदा मांग लेते हैं। अच्छा ये बताओ अभी हमारे किसान लोग कहां रखते हैं अपना अनाज? बीबीपुर में रखते हैं। वहां कैसे बना भंडार घर? अरे वहां [संगीत] की पंचायत जो है उन

08:49

लोगों से प्रॉपर्टी टैक्स लेती है सबसे सिर्फ पक्के मकान वालों से वो लोग देते हैं और क्या तभी तो वहां का इतना उन्नति [संगीत] हुआ है टैक्स लेते हैं फिर भी वो चुनाव जीत गए और का हम भी टैक्स ले लेते हैं क्या बात कही का विकास हां अपना फुलेरे वाले भी से कम है का

09:14

हां नूषा तो ठीक है लेकिन इतना गर्मी में मांगने कौन जाएगा टैक्स ये सब बात सोच नहीं किए आप लोग हम नहीं जाएंगे ना ना ना हमसे नहीं हो पाएगा ये सब अब देखिए चाय से भी प्याज का महक आ रहा है कभी सोचे हैं काहे महक आ रहा है काहे कि अपने गांव में प्याज का खेती बहुत ज्यादा

09:40

होता है लेकिन रखरखाव का व्यवस्था नहीं है अब प्याज सरगल जाता है। हम लोग फेंक देते हैं। माल मवेशी वही खा लेता है। तो इस प्यास के संरक्षण के लिए अपने गांव में एक भंडार घर होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? होना चाहिए। बिल्कुल होना चाहिए। तो फिर कर दीजिए। हां बिल्कुल कर देंगे। आप बताइए क्या करना

09:58

है? अरे कर मतलब संपत्ति कर, प्रॉपर्टी टैक्स। अपने गांव में जिसके पास पक्का मकान है, चाहे बड़ा घर में रहता है, उसको ये कर देना है। देखिए वो तो हम नहीं दे पाएंगे। अरे पंचायत आज ही निर्णय लिया है। धर्मेंद्र भाई तो देना पड़ेगा। तो पंचायत हमसे पूछ [संगीत] के निर्णय लिया है। जी हां आप लोग पंचायत में काम

10:21

करते हैं ना आप लोग दे दीजिए टैक्स। ना ठीक है मतलब अच्छा तो आप प्रॉपर्टी टैक्स लेने आए हैं। अरे तो पहले काहे नहीं बताए। हमको मौका ही नहीं मिला नहीं तो हम बोलिए देते आपको। तो बात कुछ ऐसा है कि हमारे चाचा हमारी प्रॉपर्टी हड़प के बैठे हैं। तो आप हमारी प्रॉपर्टी दिलवा दीजिए। हम आपको टैक्स दे

10:40

देंगे। तो हम कहां से दिलवा दे प्रॉपर्टी? अब तो हम कहां से दे दे आपको टैक्स? पप्पी भैया आपका ओरिजिनल नाम क्या हुआ? अरे सहायक जी नाम लिखकर का कीजिएगा पैसा तो है ही नहीं है। बाबा जी का मोतियाब का ऑपरेशन करवाना है। कुल वहीं में खर्चा हो जाएगा अभी पैसा।

11:03

अरे उनकी एक आंख में मोतियाबीन है ना? तो एक आंख से ना बड़ा बहुत अच्छा लगाता है। अरे अपने घर में रहने का टैक्स देना पड़ेगा साह जी धतूरा चाट के आए हैं क्या

11:20

भला अच्छा सहायक हो के पहली बार इतना असहाय महसूस कर रहे हैं ऐसे तो बनने चला रहा है भंडार घर ना वादा पूरा होगा ना वोट मिलेगा काम होता दिखाई देगा तो काहे नहीं मिलेगा मिलेगा वोट। सहायक जी सहायक जी मुबारक हो। अरे सहायक जी मुबारक हो। मिठाई खाइए। मिठाई खाएगी? अरे सहायक जी से बिना एग्जाम दिए हुए

11:51

टैक्स कलेक्टर बन गए तो मिठाई भी ना खिलाएं। सैल्यूट टैक्स कलेक्टर साहब। अरे भूषण भाई काहे बात के पतंगड़ बना रहे हैं आप? आप टैक्स लेने के लिए नया नया नियम बना रहे हैं। अह हम बात का पतंगो ना बनाएं। अरे पूरा पश्चिम और दक्षिण भारत के लोग अपने पंचायत को प्रॉपर्टी टैक्स दे रहे

12:12

हैं। तो हम उत्तर भारती का पीछे रहें। हां। हम तो कहते हैं भूषण भाई आप भी दीजिए। अरे टैक्स देना जिम्मेदार नागरिक की पहचान होती है। हम गैर जिम्मेदार नागरिक हैं। अरे सब लोग आप जैसा करेगा तो भंडार घर कैसे बनेगा? हमारे पास एक आईडिया है। कौन आईडिया? हमको बनाइए प्रधान। फिर हम बताते हैं कि

12:34

कैसे बनेगा भंडार घर। [हंसी] मिठाई खाइए। चलो

12:50

रामविलास भैया नहीं मानिएगा। अरे विकास भाई हम बिजनेसमैन आदमी हैं। पंचायत के लिए खून पसीना बहा सकते हैं पर पैसा नहीं दे सकते। अरे इस साल मार्केट कितना डाउन चल रहा है आपको तो पता है और ऊपर से है टैक्स कैसे भरे ना टाइगर खाते में लिख लेना रामविलास [संगीत] भाई एकदम समझ में नहीं आ रहा है भलाचा कैसे

13:18

लोगों को मनाए हम तुम लगता है ठीक से समझा नहीं पा रहे हो ना भलाचा बहुत एकदम विनर्मता के साथ समझाते हैं हम हम भीख मांगते हैं कि हमको जाके गोद में थोड़ी बैठ जाएंगे उसके हम जो कहा है कि गांव वाले जो है सरल स्वभाव के होते हैं। सरलता से जो है समझते हैं। आसान

13:38

से बहुत मुश्किल चीज आसान से बताओ तो समझ जाते हैं। अकल लगानी पड़ेगी। [संगीत] अब अच्छा बताओ अकल बड़ी भैंस अकल बड़ी और क्या बुलाओ कल सुबह सबको।

14:00

मां प्यारे फुलेरा वासियों आज हम आपसे अपने दिल की बात कहना चाहते हैं। दिल की बात दिल में रहने दीजिए प्रह्लाद भाई आप लोगों से दिल लगाना मुश्किल हो गया है। अच्छा [हंसी] भूषण भाई कुछ जरूरी बात करना है तो तीन घंटा के लिए बाहर चले जाइए। ना ना अब क्या है कि हम आपसे अपना किया हुआ वादा

14:20

पूरा करना चाहते हैं। पर मैं चाहने से क्या होता है? चाइनी से कहा कभी भैंस दूध देती है? हां इ भैंस का बात कराए हैं क्या? [हंसी] अच्छा एक बात बताइए भैंस अगर दूध नहीं देती है तो क्या करते हैं? का करते हैं आप बताइए। जाने सर हम क्या करते हैं? हां हम तो अपनी भैंसिया को गाना सुना देते

14:40

हैं। अरे अरे [हंसी] हम तो अपने भैंसिया को वीडियो दिखा देते हैं। वो खुद ही दूध देने लगती है। [हंसी] हम तो अपनी भैंस को चारा खिलाते हैं। चारा खिला देते हैं। सही जवाब। और चारा खिलाते हैं तब क्या होता है? भैंस दूध देती है। उससे घी निकलता है। पनीर निकलता है, रबड़ी निकलती है, मक्खन निकलता है।

15:01

वाह। क्या जनरल नॉलेज का बात बता रहे हैं। [हंसी] अरे भाई लिखो लिखो तालियां बजाओ। ए भाई ए कोई बात नहीं कहने दीजिए इनका काम है यही है। तो समझ लीजिए चारा आपका टैक्स है। भैंस आपका पंचायत है और दूध, दही, मक्खन, घी सब जो है आपका फायदा। आज चारा खा के भैंस भाग गई तो [हंसी]

15:25

पंचायत कहीं नहीं भाग रही है। इसका आश्वासन हम देते हैं विकास शुक्ला सहायक सचिव आप लोग जो प्रॉपर्टी टैक्स दीजिएगा उससे भंडार घर बनेगा और भंडार घर से जो पैसा आएगा गांव में बाकी सुविधाएं बनेंगी उससे समझे कि नहीं समझे आप भड़काना बंद कीजिए गांव समाज के लोगों को आप और सबसे बड़ी बात है इसके लाभार्थी यह भी

15:43

होंगे हां पर एक बार सिस्टम बन गया और चीजें साइकिल पे की तरह चलने लगी तो हम लोग के गांव का बहुत उन्नति होगा बहुत विकास होगा बीबीपुर की तरह विकास होगा विकास सिर्फ एक आदमी का होगा प्रधान जी का उनका घर दुतला से तीन तल्ला बन जाएगा। अरे बीबीपुर में एक वो भूषण होता ना तो

16:03

वहां भी इतना तरक्की नहीं होता। अरे बीबीपुर में हमारे जैसा बंदा सोता ना तो जापान से ज्यादा तरक्की करता। अरे रुक जाइए रुक जाइए। रुक जाइए। अरे देखिए क्या है कि भंडार घर बनाने के लिए हमको जमीन मिल गई है। ठीक है। अब चाहिए आप लोग का साथ। और जान लीजिए भंडार अगर बन गया तो अगले 3 महीने के लिए आलू

16:26

प्याज ये सब का किराया मुफ्त है। 3 महीने के बाद 3 महीना बाद आलू प्याज सबके दाम का 20 पैसा प्रति किलो किराया लिया जाएगा। 20 पैसा प्रति किलो लिख लीजिए। 20 * 50 पैसा प्रति किलो। बला एक चीज़ इसमें और हम जोड़ना चाहते हैं कि देखिए अपने यहां मौसम के अनुसार जो फसल होता है हम वहां रख सकते

16:43

हैं। जैसे गेहूं के समय गेहूं, धान के समय धान मकई होता है यहां पे इतना सोयाबीन होता है हम रख सकते हैं। लेकिन दूसरा गांव वाला अगर चाहे यहां पे रखने के लिए वो भी रखेंगे और वो बदले में हमको पैसा देगा। जो पैसा आएगा वो हम अपने गांव में और दूसरी जरूरत की चीजें बनवाएंगे। तो भंडार घर एक

16:58

अब फायदा? लीजिए। एक वो वादा पूरा नहीं किए कि दूसरा वादा लेके आ गए। कोई टैक्स नहीं देगा। हां हम देंगे टैक्स। चलिए नमस्कार। देखिए पंचायत को हम जानते हैं। देर सवेरे ही सही पंचायत अपना किया हुआ वादा जरूर पूरा करती है। आपके ₹150 ₹200 से भंडार घर बन जाएगा। बात पैसों की नहीं है। नियत की

17:27

है। हमारी नियत तो साफ है। तुम्हारी नियत का हमें पता नहीं। सही कहा। आप गलत लोगों का साथ दे रहे हैं बाबा। अरे बछुआ जब तुम्हारे बाबूजी पैदा भी नहीं हुए थे तब से हम इन गांव वालों को संग लेकर यह पोखरा बनाए हैं जहां तुम अपने दोस्तों के साथ जाके नहाते हो और धोते हो समझे सही और

17:48

गलत हमको ना समझाओ आपका उम्र का लिहाज कर रहे हैं पछताइएगा दिल अरे इस उम्र में अब पछताने लायक बचा ही क्या है जो होगा देखा जाएगा ये लीजिए विकास बाबू हमारी तरफ से बहुत बढ़िया बहुत सही ताली बजाइए [प्रशंसा] आप जो है ये बोहनी कर दिए हैं। आपका मान सम्मान हम हमेशा रखेंगे।

18:10

और कोई साथी हमारा जो प्रॉपर्टी टैक्स देना चाहता है वो आगे बढ़ के आए और इस विकास के राह पे हमारा सहयोग करें। पहला अच्छा का सहयोग करें। प्रधान जी का सहयोग करें। आइए मिला ना आपको ₹150 बनवाइए ना भंडारघर शुरू कीजिए ना। यह लोग शर्म लिहाज का गुठली चूस के फेंक चुका है। एक आदमी इन

18:32

लोग के भाषण से मूर्ख बन गया तो पूरा गांव को मूर्ख समझ रहा है। ऐसे होता है। कोई नहीं देगा टैक्स। चलो रे। देखिए। हट। अरे तुम लोग की भलाई के लिए है ये सब। ठीक है। जब होगा तो दे देंगे। सोच के बताते हैं भाई। सोचते हैं। अच्छा। मैडम को क्या बोलेंगे हम?

19:02

[संगीत] तो गाइस कैसी लगी आपको यह वीडियो कमेंट्स में बताओ और ऐसी और वीडियोस देखने के लिए सब्सक्राइब करो। [घंटी की आवाज़]

Transcribe another video

Paste any YouTube, Instagram or TikTok link to get a free transcript.

Free · No sign-up · Unlimited